स तु दीर्घकालनैरन्तर्यसत्कारासेवितो दृढभूमिः PDF
स तु दीर्घकालनैरन्तर्यसत्कारासेवितो दृढभूमिः की पूरी लिरिक्स — संस्कृत, रोमन व अर्थ सहित। एक क्लिक में PDF सेव करें या प्रिंट करें।
स तु दीर्घकालनैरन्तर्यसत्कारासेवितो दृढभूमिः ॥
Sa tu dirgha-kala-nairantarya-satkara-asevito dridha-bhumih
वह अभ्यास दीर्घ काल तक, निरन्तर और श्रद्धापूर्वक सत्कार सहित सेवित होने पर दृढ़ भूमि वाला (स्थिर) हो जाता है।