Mantra.Tips

स्थिरसुखमासनम् PDF

स्थिरसुखमासनम् की पूरी लिरिक्स — संस्कृत, रोमन व अर्थ सहित। एक क्लिक में PDF सेव करें या प्रिंट करें।

स्थिरसुखमासनम् ॥ २.४६ ॥ (पदपाठ — स्थिरम् सुखम् आसनम्)

Sthira-sukham asanam || 2.46 || (pada-patha — sthiram sukham asanam)

आसन स्थिर (दृढ़) और सुखमय (आरामदायक) होना चाहिए।