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प्रयत्नशैथिल्यानन्तसमापत्तिभ्याम् PDF

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प्रयत्नशैथिल्यानन्तसमापत्तिभ्याम् ॥ २.४७ ॥ (पदपाठ — प्रयत्न-शैथिल्य-अनन्त-समापत्तिभ्याम्)

Prayatna-shaithilya-ananta-samapattibhyam || 2.47 || (pada-patha — prayatna-shaithilya-ananta-samapattibhyam)

प्रयत्न की शिथिलता (प्रयास को ढीला छोड़ने) और अनन्त (असीम) में समापत्ति (तल्लीनता) द्वारा आसन सिद्ध होता है।