Prien am Chiemsee राहु काल
बुधवार, 17 जून 2026
Prien am Chiemsee, Germany · Berlin
अन्य शहरों का राहु काल
सामान्य प्रश्न
राहु काल क्या है?
राहु काल दिन का एक अशुभ माना जाने वाला समय है। सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है, और उनमें से एक भाग (जो वार अनुसार बदलता है) राहु काल कहलाता है। इस अवधि में नया शुभ कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।
राहु काल में क्या नहीं करना चाहिए?
राहु काल में नया व्यापार, यात्रा का आरंभ, विवाह, गृह प्रवेश या कोई भी महत्वपूर्ण शुभ कार्य आरंभ करने से बचा जाता है। पहले से चल रहे कार्य जारी रखे जा सकते हैं; नित्य पूजा में बाधा नहीं।
राहु काल की गणना कैसे होती है?
दिनमान (सूर्योदय से सूर्यास्त) को आठ बराबर भागों में बाँटते हैं। राहु काल का भाग वार अनुसार होता है — सोम 2रा, मंगल 7वाँ, बुध 5वाँ, गुरु 6ठा, शुक्र 4था, शनि 3रा, रवि 8वाँ।
गुलिक काल और यमगण्ड क्या हैं?
राहु काल की तरह गुलिक काल और यमगण्ड भी दिन के अशुभ भाग हैं। इनके विपरीत अभिजीत मुहूर्त (दोपहर के आसपास) दिन का सबसे शुभ समय होता है।