Mantra.Tips

आदित्यहृदयं पुण्यम् PDF

आदित्यहृदयं पुण्यम् की पूरी लिरिक्स — संस्कृत, रोमन व अर्थ सहित। एक क्लिक में PDF सेव करें या प्रिंट करें।

आदित्यहृदयं पुण्यं सर्वशत्रुविनाशनम् । जयावहं जपेन्नित्यमक्षय्यं परमं शिवम् ॥

Adityahridayam punyam sarvashatruvinashanam Jayavaham japennityamakshayyam paramam shivam

यह आदित्यहृदय परम पवित्र है, समस्त शत्रुओं का नाश करने वाला तथा विजय प्रदान करने वाला है। नित्य जप करने पर यह अक्षय, परम और कल्याणकारी है। (इन्हीं शब्दों से अगस्त्य ऋषि ने श्रीराम को वह पावन सूर्य-स्तोत्र बताया जिससे वे युद्ध में समस्त शत्रुओं पर विजय प्राप्त करेंगे।)