अग्नि गायत्री मंत्र PDF
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ॐ वैश्वानराय विद्महे लालीलाय धीमहि । तन्नो अग्निः प्रचोदयात् ॥
Om Vaishvanaraya Vidmahe Lalilaya Dhimahi. Tanno Agnih Prachodayat.
ॐ। हम वैश्वानर (सर्वव्यापी अग्नि) को जानें, लपलपाती ज्वालाओं वाले का ध्यान करें; वे अग्निदेव हमारी बुद्धि को प्रेरित व प्रकाशित करें।