आपदामपहर्तारम् (आपदामपहर्तारं श्लोक) PDF
आपदामपहर्तारम् (आपदामपहर्तारं श्लोक) की पूरी लिरिक्स — संस्कृत, रोमन व अर्थ सहित। एक क्लिक में PDF सेव करें या प्रिंट करें।
आपदामपहर्तारं दातारं सर्वसम्पदाम्। लोकाभिरामं श्रीरामं भूयो भूयो नमाम्यहम्॥
Apadam-apahartaram Dataram Sarva-sampadam Lokabhiramam Sri-Ramam Bhuyo Bhuyo Namamy-aham
जो समस्त आपत्तियों (विपत्तियों) को हरने वाले और समस्त सम्पदाओं के दाता हैं, जो समस्त लोकों को आनन्द देने वाले हैं — उन श्रीराम को मैं बार-बार प्रणाम करता हूँ।