Mantra.Tips

अपराधसहस्राणि PDF

अपराधसहस्राणि की पूरी लिरिक्स — संस्कृत, रोमन व अर्थ सहित। एक क्लिक में PDF सेव करें या प्रिंट करें।

अपराधसहस्राणि क्रियन्तेऽहर्निशं मया। दासोऽयमिति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वर॥

Aparādhasahasrāṇi kriyante'harniśaṁ mayā। Dāso'yam iti māṁ matvā kṣamasva parameśvara॥

हे परमेश्वर, मुझसे दिन-रात सहस्रों अपराध (भूलें) होते रहते हैं। 'यह तो मेरा दास (सेवक) है' — ऐसा मानकर, हे परमेश्वर, उन सबको क्षमा कर दें।