असङ्गोऽहम् असङ्गोऽहम् (सच्चिदानन्दरूपोऽहम्) PDF
असङ्गोऽहम् असङ्गोऽहम् (सच्चिदानन्दरूपोऽहम्) की पूरी लिरिक्स — संस्कृत, रोमन व अर्थ सहित। एक क्लिक में PDF सेव करें या प्रिंट करें।
असङ्गोऽहम् असङ्गोऽहम् असङ्गोऽहम् पुनः पुनः। सच्चिदानन्दरूपोऽहम् अहमेवाहमव्ययः॥
asaṅgo'ham asaṅgo'ham asaṅgo'ham punaḥ punaḥ | sac-cid-ānanda-rūpo'ham aham evāham avyayaḥ ||
मैं असंग (अनासक्त) हूँ, मैं असंग हूँ, मैं असंग हूँ — बार-बार। मैं सच्चिदानन्द-स्वरूप हूँ; मैं ही एकमात्र अविनाशी आत्मा हूँ।