श्रीमद्भगवद्गीता १.२९ — सीदन्ति मम गात्राणि PDF
श्रीमद्भगवद्गीता १.२९ — सीदन्ति मम गात्राणि की पूरी लिरिक्स — संस्कृत, रोमन व अर्थ सहित। एक क्लिक में PDF सेव करें या प्रिंट करें।
सीदन्ति मम गात्राणि मुखं च परिशुष्यति। वेपथुश्च शरीरे मे रोमहर्षश्च जायते॥
sīdanti mama gātrāṇi mukhaṁ cha pariśhuṣhyati vepathuśh cha śharīre me roma-harṣhaśh cha jāyate
मेरे अंग शिथिल हुए जा रहे हैं और मुख सूख रहा है; मेरे शरीर में कम्प तथा रोमांच हो रहा है।