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श्रीमद्भगवद्गीता १८.६३ — इति ते ज्ञानमाख्यातम् PDF

श्रीमद्भगवद्गीता १८.६३ — इति ते ज्ञानमाख्यातम् की पूरी लिरिक्स — संस्कृत, रोमन व अर्थ सहित। एक क्लिक में PDF सेव करें या प्रिंट करें।

इति ते ज्ञानमाख्यातं गुह्याद्गुह्यतरं मया।विमृश्यैतदशेषेण यथेच्छसि तथा कुरु॥

iti te jñānam ākhyātaṁ guhyād guhyataraṁ mayā vimṛiśhyaitad aśheṣheṇa yathechchhasi tathā kuru

इस प्रकार समस्त गोपनीयों से भी अधिक गुह्य ज्ञान मैंने तुमसे कह दिया है। इस पर पूर्णरूप से भलीभाँति विचार करके, फिर जैसा तुम चाहो वैसा करो।