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श्रीमद्भगवद्गीता १८.६७ — इदं ते नातपस्काय PDF

श्रीमद्भगवद्गीता १८.६७ — इदं ते नातपस्काय की पूरी लिरिक्स — संस्कृत, रोमन व अर्थ सहित। एक क्लिक में PDF सेव करें या प्रिंट करें।

इदं ते नातपस्काय नाभक्ताय कदाचन।न चाशुश्रूषवे वाच्यं न च मां योऽभ्यसूयति॥

idaṁ te nātapaskyāya nābhaktāya kadāchana na chāśhuśhruṣhave vāchyaṁ na cha māṁ yo ‘bhyasūtayi

यह (ज्ञान) तुम्हें कभी भी न तो तपरहित को, न भक्तिरहित को, न सुनने की इच्छा न रखने वाले को, और न ही मुझसे द्वेष (असूया) करने वाले को कहना चाहिए।