श्रीमद्भगवद्गीता १८.७ — नियतस्य तु संन्यासः PDF
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नियतस्य तु संन्यासः कर्मणो नोपपद्यते।मोहात्तस्य परित्यागस्तामसः परिकीर्तितः॥
niyatasya tu sannyāsaḥ karmaṇo nopapadyate mohāt tasya parityāgas tāmasaḥ parikīrtitaḥ
परन्तु नियत (कर्तव्य) कर्म का त्याग करना उचित नहीं है; मोहवश उसका परित्याग तामस (अज्ञान के मोड में) कहा गया है।