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चंद्र गायत्री मंत्र PDF

चंद्र गायत्री मंत्र की पूरी लिरिक्स — संस्कृत, रोमन व अर्थ सहित। एक क्लिक में PDF सेव करें या प्रिंट करें।

ॐ क्षीरपुत्राय विद्महे अमृततत्त्वाय धीमहि । तन्नश्चन्द्रः प्रचोदयात् ॥

Om Kshiraputraya Vidmahe Amritatattvaya Dhimahi. Tannash Chandrah Prachodayat.

ॐ। हम क्षीरसागर से उत्पन्न (चंद्र) को जानें, अमृतस्वरूप का ध्यान करें; वे भगवान चंद्र हमारी बुद्धि को प्रेरित व प्रकाशित करें।