दुर्गा द्वात्रिंशन्नाममाला स्तोत्रम् — Word-by-Word Meaning
दुर्गा द्वात्रिंशन्नाममाला स्तोत्रम्
Every Sanskrit word explained in English
Word-by-Word Breakdown
Complete Translation
Origin & History
Source: Traditional Devi stotra (recited within the Durga Saptashati / Devi Mahatmyam tradition)
Author: Traditional (Puranic)
Period: Ancient / Classical
दुर्गा द्वात्रिंशन्नाममाला — 'दुर्गा के बत्तीस नामों की माला' — शाक्त परम्परा के सर्वाधिक लोकप्रिय रक्षात्मक स्तोत्रों में से एक है, जिसका पाठ दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) के साथ किया जाता है। इसके नाम माता को दुर्गमासुर के संहारक तथा प्रत्येक 'दुर्ग' — प्रत्येक किले, प्रत्येक कठिनाई, प्रत्येक दुर्लंघ्य संकट — के विजेता के रूप में स्मरण कराते हैं। प्रत्येक युग में कष्ट से पीड़ित भक्त इस नामावली की शरण में आए हैं, इसके अपने ही वचन पर विश्वास करते हुए कि इसका पाठ समस्त भयों से मुक्ति दिलाता है।
Frequently Asked Questions
दुर्गा द्वात्रिंशन्नाममाला स्तोत्रम् क्या है?▼
यह स्तोत्र क्या वचन देता है?▼
इसका पाठ कब करना चाहिए?▼
कितने नाम हैं और 32 ही क्यों?▼
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