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घालीन लोटांगण PDF

घालीन लोटांगण की पूरी लिरिक्स — संस्कृत, रोमन व अर्थ सहित। एक क्लिक में PDF सेव करें या प्रिंट करें।

घालीन लोटांगण वंदीन चरण । डोळ्यांनी पाहीन रूप तुझे ॥ प्रेमे आलिंगिन आनंदे पूजिन । भावे ओवाळीन म्हणे नामा ॥

Ghalin Lotangan Vandin Charan | Dolyanni Pahin Roop Tuze || Preme Aalingin Aanande Poojin | Bhave Ovalin Mhane Nama ||

मैं साष्टांग लोटांगण करूँगा और तुम्हारे चरणों में वंदना करूँगा; अपनी आँखों से तुम्हारा रूप देखूँगा। प्रेम से आलिंगन करूँगा, आनंद से पूजा करूँगा, और भावपूर्वक आरती उतारूँगा — ऐसा नामा (नामदेव) कहते हैं।

त्वमेव माता च पिता त्वमेव । त्वमेव बंधुश्च सखा त्वमेव ॥ त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव । त्वमेव सर्वं मम देवदेव ॥

Tvameva Mata Cha Pita Tvameva | Tvameva Bandhushcha Sakha Tvameva || Tvameva Vidya Dravinam Tvameva | Tvameva Sarvam Mama Deva-Deva ||

तुम ही मेरी माता हो और तुम ही पिता; तुम ही बंधु हो और तुम ही सखा; तुम ही विद्या हो और तुम ही धन; तुम ही मेरा सर्वस्व हो, हे देवों के देव।

कायेन वाचा मनसेन्द्रियैर्वा । बुद्ध्यात्मना वा प्रकृतेः स्वभावात् ॥ करोमि यद्यत्सकलं परस्मै । नारायणायेति समर्पयामि ॥

Kayena Vacha Manasendriyairva | Buddhyatmana Va Prakriteh Svabhavat || Karomi Yadyat-Sakalam Parasmai | Narayanayeti Samarpayami ||

शरीर से, वाणी से, मन और इंद्रियों से, बुद्धि और आत्मा से, अथवा प्रकृति के स्वभाव से — जो कुछ भी मैं करता हूँ, वह सब परमात्मा नारायण को समर्पित करता हूँ।