हंसयुक्तविमानस्थे — नारायणि नमोऽस्तु ते (मातृका रूप) — Complete Lyrics
हंसयुक्तविमानस्थे — नारायणि नमोऽस्तु ते (मातृका रूप)
Sanskrit text with English transliteration and translation
Verse 1
हंसयुक्तविमानस्थे ब्रह्माणीरूपधारिणि ।
कौशाम्भःक्षरिके देवि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
haṃsayuktavimānasthe brahmāṇīrūpadhāriṇi
kauśāmbhaḥkṣarike devi nārāyaṇi namo'stu te
हे हंसयुक्त विमान पर विराजमान, ब्राह्मणी रूप धारण करने वाली, कुश-जल से अभिषेक करने वाली देवी! हे नारायणि! आपको नमस्कार है। हे त्रिशूल, चन्द्र और सर्प धारण करने वाली, महान् वृषभ पर सवार माहेश्वरी रूप वाली! हे नारायणि! आपको नमस्कार है। हे मयूर और कुक्कुट से घिरी, महाशक्ति धारण करने वाली, निष्पाप कौमारी रूप में स्थित! हे नारायणि! आपको नमस्कार है। हे शंख, चक्र, गदा और शार्ङ्ग रूप परम आयुध धारण करने वाली! प्रसन्न होइए, हे वैष्णवी रूप वाली! हे नारायणि! आपको नमस्कार है। हे उग्र महाचक्र धारण करने वाली, दाढ़ से पृथ्वी को उठाने वाली, कल्याणी वराह (वाराही) रूप वाली! हे नारायणि! आपको नमस्कार है। हे उग्र नृसिंह रूप से दैत्यों के वध में उद्यत, त्रैलोक्य की रक्षा से युक्त! हे नारायणि! आपको नमस्कार है। हे मुकुट धारण करने वाली, महान् वज्र धारण करने वाली, सहस्र नेत्रों से उज्ज्वल, वृत्र के प्राण हरने वाली ऐन्द्री! हे नारायणि! आपको नमस्कार है। हे शिवदूती रूप से दैत्यों के महाबल का नाश करने वाली, घोर रूप और महानाद वाली! हे नारायणि! आपको नमस्कार है। हे दाढ़ों से विकराल मुख वाली, मुण्डमाला से विभूषित, मुण्ड का मर्दन करने वाली चामुण्डे! हे नारायणि! आपको नमस्कार है।
Verse 2
त्रिशूलचन्द्राहिधरे महावृषभवाहिनि ।
माहेश्वरीस्वरूपेण नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
triśūlacandrāhidhare mahāvṛṣabhavāhini
māheśvarīsvarūpeṇa nārāyaṇi namo'stu te
Verse 3
मयूरकुक्कुटवृते महाशक्तिधरेऽनघे ।
कौमारीरूपसंस्थाने नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
mayūrakukkuṭavṛte mahāśaktidhare'naghe
kaumārīrūpasaṃsthāne nārāyaṇi namo'stu te
Verse 4
शङ्खचक्रगदाशार्ङ्गगृहीतपरमायुधे ।
प्रसीद वैष्णवीरूपे नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
śaṅkhacakragadāśārṅgagṛhītaparamāyudhe
prasīda vaiṣṇavīrūpe nārāyaṇi namo'stu te
Verse 5
गृहीतोग्रमहाचक्रे दंष्ट्रोद्धृतवसुन्धरे ।
वराहरूपिणि शिवे नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
gṛhītogramahācakre daṃṣṭroddhṛtavasundhare
varāharūpiṇi śive nārāyaṇi namo'stu te
Verse 6
नृसिंहरूपेणोग्रेण हन्तुं दैत्यान् कृतोद्यमे ।
त्रैलोक्यत्राणसहिते नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
nṛsiṃharūpeṇogreṇa hantuṃ daityān kṛtodyame
trailokyatrāṇasahite nārāyaṇi namo'stu te
Verse 7
किरीटिनि महावज्रे सहस्रनयनोज्ज्वले ।
वृत्रप्राणहरे चैन्द्रि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
kirīṭini mahāvajre sahasranayanojjvale
vṛtraprāṇahare caindri nārāyaṇi namo'stu te
Verse 8
शिवदूतीस्वरूपेण हतदैत्यमहाबले ।
घोररूपे महारावे नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
śivadūtīsvarūpeṇa hatadaityamahābale
ghorarūpe mahārāve nārāyaṇi namo'stu te
Verse 9
दंष्ट्राकरालवदने शिरोमालाविभूषणे ।
चामुण्डे मुण्डमथने नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
daṃṣṭrākarālavadane śiromālāvibhūṣaṇe
cāmuṇḍe muṇḍamathane nārāyaṇi namo'stu te
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