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जय हनुमान ज्ञान गुन सागर, जय कपीस तिहुँ लोक उजागर PDF

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर, जय कपीस तिहुँ लोक उजागर की पूरी लिरिक्स — संस्कृत, रोमन व अर्थ सहित। एक क्लिक में PDF सेव करें या प्रिंट करें।

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥

Jai Hanuman Gyan Gun Sagar. Jai Kapis Tihun Lok Ujagar.

हे हनुमान! आप ज्ञान और गुणों के सागर हैं, आपकी जय हो! हे कपीश्वर! आप तीनों लोकों को प्रकाशित करने वाले हैं, आपकी जय हो॥