Mantra.Tips

जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी — Complete Lyrics

जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी

Sanskrit text with English transliteration and translation

अपि स्वर्णमयी लङ्का मे लक्ष्मण रोचते। जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी॥
api svarṇamayī laṅkā na me lakṣmaṇa rocate। jananī janma-bhūmiś ca svargād api garīyasī॥
हे लक्ष्मण! यह स्वर्णमयी लंका भी मुझे अच्छी नहीं लगती; क्योंकि जननी (माता) और जन्मभूमि तो स्वर्ग से भी बढ़कर हैं। स्वर्ण-लंका की विजय के पश्चात् भगवान राम के ये वचन घोषित करते हैं कि कोई भी वैभव, चाहे कितना ही चकाचौंध भरा हो, माता और मातृभूमि के प्रति प्रेम से बढ़कर नहीं हो सकता।

Want to understand every word?

Read Word-by-Word Meaning →