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जयन्ती मङ्गला काली स्तोत्रम् PDF

जयन्ती मङ्गला काली स्तोत्रम् की पूरी लिरिक्स — संस्कृत, रोमन व अर्थ सहित। एक क्लिक में PDF सेव करें या प्रिंट करें।

जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते॥

Jayanti Mangala Kali Bhadrakali Kapalini। Durga Kshama Shiva Dhatri Svaha Svadha Namostu Te॥

जयन्ती, मङ्गला, काली, भद्रकाली, कपालिनी; दुर्गा, क्षमा, शिवा, धात्री, स्वाहा और स्वधा — आपको नमस्कार है! (ये देवी के नौ पवित्र नाम हैं।)

ॐ दुर्गे दुर्गे रक्षणि स्वाहा।

Om Durge Durge Rakshani Svaha।

ॐ! हे दुर्गे, हे दुर्गे, हे रक्षिणी — स्वाहा!

या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

Ya Devi Sarva-Bhuteshu Matri-Rupena Samsthita। Namas-Tasyai Namas-Tasyai Namas-Tasyai Namo Namah॥

जो देवी समस्त प्राणियों में माता के रूप में स्थित हैं, उन्हें नमस्कार है, उन्हें नमस्कार है, उन्हें बारम्बार नमस्कार है।

सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥

Sarva-Mangala-Mangalye Shive Sarvartha-Sadhike। Sharanye Tryambake Gauri Narayani Namostu Te॥

हे समस्त मङ्गलों की मङ्गलस्वरूपा, हे शिवे, समस्त प्रयोजनों को सिद्ध करने वाली, हे शरण देने वाली त्र्यम्बके गौरि, हे नारायणि — आपको नमस्कार है।