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का ते कान्ता कस्ते पुत्रः PDF

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का ते कान्ता कस्ते पुत्रः संसारोऽयमतीव विचित्रः । कस्य त्वं कः कुत आयातः तत्त्वं चिन्तय तदिह भ्रातः ॥

Ka te kanta kaste putrah samsaroyamativa vichitrah Kasya tvam kah kuta ayatah tattvam chintaya tadiha bhratah

तेरी पत्नी कौन? तेरा पुत्र कौन? यह संसार अत्यन्त विचित्र है। तू किसका है? तू कौन है? कहाँ से आया है? हे भाई! इस तत्त्व का यहीं विचार कर।