Mantra.Tips

कार्येषु मन्त्री करणेषु दासी — Complete Lyrics

कार्येषु मन्त्री करणेषु दासी

Sanskrit text with English transliteration and translation

कार्येषु मन्त्री करणेषु दासी भोज्येषु माता शयनेषु रम्भा। धर्मानुकूला क्षमया धरित्री षट्कर्मयुक्ता कुलधर्मपत्नी॥
kāryeṣu mantrī karaṇeṣu dāsī bhojyeṣu mātā śayaneṣu rambhā। dharmānukūlā kṣamayā dharitrī ṣaṭ-karma-yuktā kula-dharma-patnī॥
कार्य (परामर्श) में मन्त्री के समान, सेवा में दासी के समान तत्पर, भोजन कराने में माता के समान, प्रेम में रम्भा (अप्सरा) के समान, धर्म के अनुकूल चलने वाली, और क्षमा में पृथ्वी के समान सहनशील — इन छह गुणों से युक्त पत्नी ही कुल के धर्म की रक्षक श्रेष्ठ धर्मपत्नी है। यह श्लोक उन छह आदर्शों का काव्यमय वर्णन करता है जो किसी जीवनसंगिनी को परिवार का बल और गौरव बनाते हैं।

Want to understand every word?

Read Word-by-Word Meaning →