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न तत्र सूर्यो भाति — Complete Lyrics

न तत्र सूर्यो भाति

Sanskrit text with English transliteration and translation

तत्र सूर्यो भाति चन्द्रतारकं नेमा विद्युतो भान्ति कुतोऽयमग्निः तमेव भान्तमनुभाति सर्वं तस्य भासा सर्वमिदं विभाति
na tatra sūryo bhāti na candratārakaṁ nemā vidyuto bhānti kuto'yam agniḥ tam eva bhāntam anubhāti sarvaṁ tasya bhāsā sarvam idaṁ vibhāti
वहाँ न सूर्य प्रकाशित होता है, न चन्द्रमा और तारे, न ये बिजलियाँ चमकती हैं — फिर यह अग्नि कैसे (प्रकाशित कर सके)? उस (ब्रह्म) के प्रकाशित होने पर ही सब कुछ प्रकाशित होता है; उसी के प्रकाश से यह सम्पूर्ण जगत् प्रकाशमान है।

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