Mantra.Tips

रूपं देहि जयं देहि PDF

रूपं देहि जयं देहि की पूरी लिरिक्स — संस्कृत, रोमन व अर्थ सहित। एक क्लिक में PDF सेव करें या प्रिंट करें।

ॐ जय त्वं देवि चामुण्डे जय भूतापहारिणि । जय सर्वगते देवि कालरात्रि नमोऽस्तु ते ॥

Om jaya tvam devi chamunde jaya bhutapaharini Jaya sarvagate devi kalaratri namostu te

ॐ, हे देवी चामुण्डे, तुम्हारी जय हो; हे भूतों का नाश करने वाली, जय हो; हे सर्वव्यापिनी देवी कालरात्रि, जय हो — तुम्हें नमस्कार!

जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी । दुर्गा शिवा क्षमा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते ॥

Jayanti mangala kali bhadrakali kapalini Durga shiva kshama dhatri svaha svadha namostu te

हे जयन्ती, मङ्गला, काली, भद्रकाली, कपालिनी; दुर्गा, शिवा, क्षमा, धात्री, स्वाहा और स्वधा — तुम्हें नमस्कार!

मधुकैटभविध्वंसि विधातृवरदे नमः । रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ॥

Madhukaitabhavidhvamsi vidhatrivarade namah Rupam dehi jayam dehi yasho dehi dvisho jahi

हे मधु और कैटभ का विध्वंस करने वाली, विधाता (ब्रह्मा) को भी वरदान देने वाली — मुझे रूप दीजिए, विजय दीजिए, यश दीजिए, और मेरे शत्रुओं का नाश कीजिए!

महिषासुरनिर्नाशि भक्तानां सुखदे नमः । रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ॥

Mahishasuranirnashi bhaktanam sukhade namah Rupam dehi jayam dehi yasho dehi dvisho jahi

हे महिषासुर का सर्वथा नाश करने वाली, भक्तों को सुख देने वाली — मुझे रूप दीजिए, विजय दीजिए, यश दीजिए, और मेरे शत्रुओं का नाश कीजिए!