सा त्वस्मिन् परमप्रेमरूपा PDF
सा त्वस्मिन् परमप्रेमरूपा की पूरी लिरिक्स — संस्कृत, रोमन व अर्थ सहित। एक क्लिक में PDF सेव करें या प्रिंट करें।
सा त्वस्मिन् परमप्रेमरूपा ॥ २ ॥ अमृतस्वरूपा च ॥ ३ ॥
sā tv asmin parama-prema-rūpā (2) amṛta-svarūpā ca (3)
वह (भक्ति) तो उस (भगवान) के प्रति परम प्रेम के स्वरूप वाली है। (२) और वह अमृत-स्वरूपा (अमरता एवं आनन्द के स्वरूप वाली) है। (३)