सियाराममय सब जग जानी PDF
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सियाराममय सब जग जानी । करउँ प्रनाम जोरि जुग पानी ॥
Siyarama-Maya Sab Jag Jani | Karaun Pranama Jori Juga Pani ||
सम्पूर्ण जगत् को सीता-राममय (सीता और राम से व्याप्त) जानकर, मैं दोनों हाथ जोड़कर सबको प्रणाम करता हूँ। (समस्त प्राणियों में दिव्य सीता-राम का दर्शन करते हुए मैं सबको श्रद्धापूर्वक नमन करता हूँ।)