सौन्दर्यलहरी श्लोक ८ — सुधासिन्धोर्मध्ये — Complete Lyrics
सौन्दर्यलहरी श्लोक ८ — सुधासिन्धोर्मध्ये
Sanskrit text with English transliteration and translation
सुधासिन्धोर्मध्ये सुरविटपिवाटीपरिवृते
मणिद्वीपे नीपोपवनवति चिन्तामणिगृहे ।
शिवाकारे मञ्चे परमशिवपर्यङ्कनिलयां
भजन्ति त्वां धन्याः कतिचन चिदानन्दलहरीम् ॥ ८॥
sudhāsindhormadhye suraviṭapivāṭīparivṛte
maṇidvīpe nīpopavanavati cintāmaṇigṛhe |
śivākāre mañce paramaśivaparyaṅkanilayāṃ
bhajanti tvāṃ dhanyāḥ katicana cidānandalaharīm || 8||
अमृत के महासागर के मध्य, कल्पवृक्षों के उपवनों से घिरे मणिद्वीप में, कदम्ब वृक्षों के उद्यान से युक्त, चिन्तामणि रत्नों से निर्मित गृह में, शिव-स्वरूप मंच पर, परमशिव रूपी पर्यंक (शय्या) पर विराजमान — चिदानन्द की लहरी स्वरूपा आप की उपासना कुछ ही धन्य (भाग्यशाली) भक्त करते हैं।
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