வேல் வகுப்பு PDF
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பருத்தமுலை சிறுத்தஇடை வெளுத்தநகை கறுத்தகுழல் சிவத்தவிதழ் மறச்சிறுமி விழிக்குநிக ராகும்
paruththamulai siRuththaiDai veLuththanagai kaRuththakuzhal sivaththavidhazh maRachchiRumi vizhikkuniga rAgum
(1) वेल (मुरुगन का दिव्य भाला) उस नन्ही वேடर-कन्या (वल्ली) के नेत्रों के समान ही है — जो पूर्ण वक्ष एवं क्षीण कटि वाली, उज्ज्वल मुस्कान, श्याम केश एवं रक्तिम अधर वाली है।
பனைக்கமுக படக்கரட மதத்தவள கசக்கடவுள் பதத்திடுநி களத்துமுளை தெறிக்கவர மாகும்
panaikkamuga paDakkaraDa madhaththavaLa gasakkaDavuL padhaththiDuni gaLaththumuLai theRikkavara mAgum
(2) वेल वह वरदान है जो (इन्द्र के) चरणों में जड़ी बेड़ियों को तोड़ देता है (और देवों को मुक्त करता है) — जिसके आगे ताड़-समान सूँड एवं चौड़े मदस्रावी कुम्भ वाला श्वेत दिव्य गज (ऐरावत) भी झुक जाता है।
பழுத்தமுது தமிழ்ப்பலகை யிருக்குமொரு கவிப்புலவன் இசைக்குருகி வரைக்குகையை யிடித்துவழி காணும்
pazhuththamudhu thamizhppalagai yirukkumoru kavippulavan isaikkurugi varaikkugaiyai yiDiththuvazhi kANum
(3) वेल वही है, जो परिपक्व अमृत-तुल्य तमिऴ के पीठ (संगम-फलक) पर बैठे एक कवि के गान से द्रवित होकर, पर्वत की गुफा को विदीर्ण कर मार्ग बना देता है — (जैसे उसने क्रौञ्च पर्वत को चीरा था)।