अङ्गिकं भुवनं यस्य (नटराज ध्यान) — Complete Lyrics
अङ्गिकं भुवनं यस्य (नटराज ध्यान)
Sanskrit text with English transliteration and translation
आङ्गिकं भुवनं यस्य वाचिकं सर्ववाङ्मयम्।
आहार्यं चन्द्रतारादि तं नुमः सात्त्विकं शिवम्॥
Āṅgikaṃ bhuvanaṃ yasya vāchikaṃ sarvavāṅmayam
Āhāryaṃ chandratārādi taṃ numaḥ sāttvikaṃ śivam
हम उन शिव को प्रणाम करते हैं जो साक्षात् सात्त्विक भाव हैं, जिनका आंगिक अभिनय (अंग-संचालन) समस्त भुवन है, जिनका वाचिक अभिनय (वाणी) सम्पूर्ण वाङ्मय है, और जिनका आहार्य अभिनय (वेश-भूषा) चन्द्र, तारे आदि हैं।
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