बालात्रिपुरसुन्दरी ध्यान स्तोत्रम् — Complete Lyrics
बालात्रिपुरसुन्दरी ध्यान स्तोत्रम्
Sanskrit text with English transliteration and translation
अरुणकिरणजालैः रञ्जिताशावकाशा
विधृतजपवटीका पुस्तकाभीतिहस्ता ।
इतरकरवराढ्या फुल्लकह्लारसंस्था
निवसतु हृदि बाला नित्यकल्याणशीला ॥
aruṇa-kiraṇa-jālaiḥ rañjitāśāvakāśā
vidhṛta-japa-vaṭīkā pustakābhīti-hastā |
itara-kara-varāḍhyā phulla-kahlāra-saṃsthā
nivasatu hṛdi bālā nitya-kalyāṇa-śīlā ||
बाला — वह युवती देवी जिनका स्वभाव ही नित्य कल्याणमय है — मेरे हृदय में सदा निवास करें: जो अपनी अरुण किरणों के जाल से समस्त दिशाओं एवं अवकाश को रंजित कर देती हैं, जो अपने हाथों में जपमाला एवं पुस्तक, तथा अभय एवं वर मुद्राएँ धारण करती हैं, और जो पूर्ण विकसित श्वेत कह्लार (कुमुद) पुष्प पर विराजमान हैं।
Want to understand every word?
Read Word-by-Word Meaning →