Mantra.Tips

गतं शोको न कर्तव्यो — Complete Lyrics

गतं शोको न कर्तव्यो

Sanskrit text with English transliteration and translation

गतं शोको कर्तव्यो भविष्यं नैव चिन्तयेत्। वर्तमानेन कालेन वर्तयन्ति विचक्षणाः॥
gataṁ śoko na kartavyo bhaviṣyaṁ naiva cintayet। vartamānena kālena vartayanti vicakṣaṇāḥ॥
जो बीत गया उसका शोक नहीं करना चाहिए, और जो आने वाला है उसकी चिन्ता भी नहीं करनी चाहिए; बुद्धिमान लोग केवल वर्तमान काल में ही अपना जीवन व्यतीत करते हैं। चाणक्य स्थिर मन का रहस्य सिखाते हैं — बीते हुए का पश्चाताप और आने वाले की चिन्ता छोड़कर जीवन के वर्तमान क्षण में पूर्णतया कर्म करना।

Want to understand every word?

Read Word-by-Word Meaning →