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प्राणायाम मन्त्र — Complete Lyrics

प्राणायाम मन्त्र

Sanskrit text with English transliteration and translation

भूः। भुवः। सुवः। महः। जनः। तपः। सत्यम्। तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो नः प्रचोदयात्॥ आपो ज्योती रसोऽमृतं ब्रह्म भूर्भुवःसुवरोम्॥
Om Bhuh. Om Bhuvah. Om Suvah. Om Mahah. Om Janah. Om Tapah. Om Satyam. Om Tat-Savitur Varenyam Bhargo Devasya Dhimahi. Dhiyo Yo Nah Prachodayat. Om Apo Jyoti Raso-mritam Brahma Bhur-Bhuvah-Suvar-Om.
ॐ भूः (पृथ्वी), ॐ भुवः (अन्तरिक्ष), ॐ सुवः (स्वर्ग), ॐ महः (महर्लोक), ॐ जनः (जनलोक), ॐ तपः (तपोलोक), ॐ सत्यम् (सत्यलोक)। उस सविता (सूर्यदेव) के परम वरणीय, दिव्य, पापनाशक तेज का हम ध्यान करते हैं; वह हमारी बुद्धि को सत्प्रेरणा दे। ॐ — जल, ज्योति, रस, अमृत, ब्रह्म — भूः भुवः सुवः ॐ। (सात व्याहृतियाँ सात लोकों की हैं; मध्य की पंक्ति गायत्री मन्त्र है; अन्तिम पंक्ति उसका 'शिरस्' है, जिसे प्राणायाम के समय बोला जाता है।)

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