जन्माद्यस्य यतः — Complete Lyrics
जन्माद्यस्य यतः
Sanskrit text with English transliteration and translation
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
जन्माद्यस्य यतोऽन्वयादितरतश्चार्थेष्वभिज्ञः स्वराट्
तेने ब्रह्म हृदा य आदिकवये मुह्यन्ति यत्सूरयः।
तेजोवारिमृदां यथा विनिमयो यत्र त्रिसर्गोऽमृषा
धाम्ना स्वेन सदा निरस्तकुहकं सत्यं परं धीमहि॥
Oṃ namo bhagavate vāsudevāya.
Janmādy asya yato 'nvayād itarataś cārtheṣv abhijñaḥ svarāṭ
tene brahma hṛdā ya ādi-kavaye muhyanti yat sūrayaḥ.
tejo-vāri-mṛdāṃ yathā vinimayo yatra tri-sargo 'mṛṣā
dhāmnā svena sadā nirasta-kuhakaṃ satyaṃ paraṃ dhīmahi.
मैं भगवान वासुदेव को नमस्कार करता हूँ। हम उस परम सत्य का ध्यान करें, जिससे इस विश्व की उत्पत्ति, स्थिति और प्रलय होता है, जो प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से समस्त पदार्थों का ज्ञाता तथा पूर्णतः स्वतन्त्र (स्वराट्) है। उसी ने आदिकवि ब्रह्मा को हृदय के द्वारा वेदज्ञान प्रदान किया, और जिसके विषय में बड़े-बड़े देवता एवं ऋषि भी मोहित हो जाते हैं। जैसे अग्नि, जल और पृथ्वी का परस्पर विनिमय प्रतीत होता है, वैसे ही जिसमें तीनों गुणों की त्रिविध सृष्टि सत्य-सी प्रतीत होती है किन्तु मिथ्या है। जो अपने ही स्वरूप-धाम से सदा समस्त माया से रहित है — उस परम सत्य का हम ध्यान करते हैं।
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