जय राधा माधव — Complete Lyrics
जय राधा माधव
Sanskrit text with English transliteration and translation
Verse 1
(जय) राधा-माधव (जय) कुञ्ज-बिहारी ।
(जय) गोपी-जन-वल्लभ (जय) गिरि-वर-धारी ॥
(jaya) rādhā-mādhava (jaya) kuñja-bihārī
(jaya) gopī-jana-vallabha (jaya) giri-vara-dhārī
राधा-माधव (राधा के प्रियतम श्रीकृष्ण) की जय हो! वृन्दावन की कुंजों में विहार करने वाले की जय हो! गोपियों के प्रियतम की जय हो! गोवर्धन गिरि को धारण करने वाले की जय हो!
Verse 2
(जय) यशोदा-नन्दन (जय) ब्रज-जन-रञ्जन ।
(जय) यमुना-तीर-वन-चारी ॥
(jaya) yaśodā-nandana (jaya) braja-jana-rañjana
(jaya) yamunā-tīra-vana-cārī
यशोदा के लाडले नन्दन की जय हो! ब्रजवासियों को आनन्दित करने वाले की जय हो! यमुना के तट के वनों में विचरण करने वाले की जय हो!
Want to understand every word?
Read Word-by-Word Meaning →