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अच्युताष्टकम् — Word-by-Word Meaning

अच्युताष्टकम्

Every Sanskrit word explained in English

Word-by-Word Breakdown

Complete Translation

अच्युत — अविनाशी भगवान विष्णु/कृष्ण — की आठ श्लोकों की स्तुति, आदि शंकराचार्य रचित, प्रभु के नामों की प्रवाहमयी माला: अच्युत, केशव, राम, नारायण, कृष्ण, दामोदर आदि।

Origin & History

Source: Ascribed to Adi Shankaracharya

Author: Adi Shankaracharya

Period: Classical

अच्युताष्टकम् परंपरागत रूप से आदि शंकराचार्य को आरोपित है। यह अविनाशी भगवान विष्णु एवं कृष्ण को समर्पित आठ श्लोकों की स्तुति है, जिसमें प्रभु के नामों की प्रवाहमयी माला पिरोई गई है — अच्युत, केशव, राम, नारायण, कृष्ण, दामोदर आदि। प्रत्येक श्लोक में भक्त भगवान से अपने समस्त दुःखों के नाश की प्रार्थना करता है।

Frequently Asked Questions

अच्युताष्टकम् क्या है?
अच्युत — अविनाशी भगवान विष्णु एवं कृष्ण — की आठ श्लोकों की स्तुति, जो आदि शंकराचार्य द्वारा रचित है। यह प्रभु के नामों की प्रवाहमयी माला है: अच्युत, केशव, राम, नारायण, कृष्ण, दामोदर आदि।
अच्युताष्टकम् की रचना किसने की और इसका पाठ कब किया जाता है?
इसका श्रेय आदि शंकराचार्य को दिया जाता है। इसका पाठ प्रातः या सायंकाल श्रद्धापूर्वक किया जाता है, और विशेष रूप से गुरुवार, एकादशी तथा एकादशी एवं विष्णु से जुड़े पर्वों पर किया जाता है।

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