देवी अपराध क्षमापन स्तोत्रम् — Word-by-Word Meaning
देवी अपराध क्षमापन स्तोत्रम्
Every Sanskrit word explained in English
Word-by-Word Breakdown
Complete Translation
आदि शंकराचार्य का दिव्य माता से क्षमा माँगता कोमल स्तोत्र — "न मंत्र जानती, न यंत्र, न तेरी स्तुति… फिर भी जो कुछ मुझसे अपराध हुआ, हे माता, क्षमा कर, क्योंकि कुपुत्र भले हों, कुमाता कभी नहीं होती।"
Origin & History
Source: Ascribed to Adi Shankaracharya
Author: Adi Shankaracharya
Period: Classical
देवी अपराध क्षमापन स्तोत्रम् पारम्परिक रूप से आदि शंकराचार्य को आरोपित किया जाता है। यह दिव्य माता से क्षमा माँगता एक कोमल स्तोत्र है। भक्त विनम्रता से स्वीकार करता है कि वह न मंत्र जानता है, न यंत्र, न माता की उचित स्तुति। फिर भी वह कहता है — हे माता, मुझसे जो कुछ अपराध हुआ है उसे क्षमा कर, क्योंकि संसार में कुपुत्र भले हों, परन्तु कुमाता कभी नहीं होती।
Frequently Asked Questions
देवी अपराध क्षमापन स्तोत्रम् क्या है?▼
यह आदि शंकराचार्य का दिव्य माता से क्षमा माँगता कोमल स्तोत्र है — "न मंत्र जानती, न यंत्र, न तेरी स्तुति… फिर भी जो कुछ मुझसे अपराध हुआ, हे माता, क्षमा कर, क्योंकि कुपुत्र भले हों, कुमाता कभी नहीं होती।"
देवी अपराध क्षमापन स्तोत्रम् की रचना किसने की और इसका पाठ कब किया जाता है?▼
यह आदि शंकराचार्य को आरोपित है। इसका पाठ प्रातः या संध्या समय श्रद्धापूर्वक किया जाता है, और विशेषतः शुक्रवार तथा नवरात्रि के समय।
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