धनतेरस धन्वन्तरि मंत्र एवं गायत्री — Word-by-Word Meaning
धनतेरस धन्वन्तरि मंत्र एवं गायत्री
Every Sanskrit word explained in English
Word-by-Word Breakdown
Complete Translation
Origin & History
Source: Dhanvantari worship mantras (the Maha-Dhanvantari mantra and the Dhanvantari Gayatri), recited on Dhanteras / Dhanvantari Jayanti
Author: Traditional (Puranic; Dhanvantari Gayatri from the Gayatri tradition)
Period: Puranic / classical
जब देवों और असुरों ने अमरत्व के अमृत हेतु क्षीरसागर का मन्थन (समुद्र मन्थन) किया, तब भगवान धन्वन्तरि अमृत-कलश लेकर जल से प्रकट हुए। विष्णु के अवतार और दिव्य वैद्य रूप में उन्होंने संसार को आयुर्वेद का विज्ञान प्रकट किया। उनका प्राकट्य कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को हुआ, जो धनतेरस तथा धन्वन्तरि जयन्ती — दीपावली के प्रथम दिन — के रूप में मनाया जाता है, जब आरोग्य, उपचार और समृद्धि हेतु उनके मंत्र जपे जाते हैं और घर में कल्याण का स्वागत करने हेतु दीप जलाए जाते हैं।
Frequently Asked Questions
धन्वन्तरि कौन हैं और धनतेरस पर उनकी पूजा क्यों होती है?▼
धन्वन्तरि मंत्र और गायत्री में क्या अन्तर है?▼
धनतेरस पर मंत्र कितनी बार जपना चाहिए?▼
धनतेरस स्वास्थ्य और धन दोनों से क्यों जुड़ा है?▼
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