धन्वन्तरि अष्टोत्तर शतनामावली — Word-by-Word Meaning
धन्वन्तरि अष्टोत्तर शतनामावली
Every Sanskrit word explained in English
Word-by-Word Breakdown
Complete Translation
भगवान धन्वन्तरि के १०८ नाम — देवों के वैद्य व विष्णु के अवतार, जो क्षीरसागर से अमृत-कलश लेकर प्रकट हुए, आयुर्वेद व आरोग्य के देव — प्रत्येक “ॐ” व “नमः” सहित, आरोग्य, रोग-निवृत्ति व कल्याण हेतु, विशेषतः धनतेरस को।
Origin & History
Source: Traditional
Author: Traditional
Period: Classical
धन्वन्तरि अष्टोत्तर शतनामावली भगवान धन्वन्तरि के १०८ नामों की एक पारम्परिक माला है। ये देवों के वैद्य व विष्णु के अवतार हैं, जो क्षीरसागर के मन्थन से अमृत-कलश लेकर प्रकट हुए। वे आयुर्वेद व आरोग्य के देव माने जाते हैं। प्रत्येक नाम 'ॐ' और 'नमः' सहित आरोग्य, रोग-निवृत्ति व कल्याण हेतु जपा जाता है, विशेषतः धनतेरस को।
Frequently Asked Questions
धन्वन्तरि अष्टोत्तर शतनामावली क्या है?▼
यह भगवान धन्वन्तरि के १०८ नाम हैं — देवों के वैद्य व विष्णु के अवतार, जो क्षीरसागर से अमृत-कलश लेकर प्रकट हुए, आयुर्वेद व आरोग्य के देव — प्रत्येक 'ॐ' और 'नमः' सहित आरोग्य, रोग-निवृत्ति व कल्याण हेतु, विशेषतः धनतेरस को।
अष्टोत्तर शतनामावली का जप कैसे किया जाता है?▼
इसे अर्चना के रूप में जपा जाता है: १०८ में से प्रत्येक नाम से पहले 'ॐ' और बाद में 'नमः' लगाकर पाठ किया जाता है, और प्रत्येक नाम पर एक पुष्प या चुटकी भर कुमकुम अर्पित किया जाता है। सम्पूर्ण माला एक ही बैठक में अर्पित की जाती है, विशेषतः आरोग्य हेतु और धनतेरस (धन्वन्तरि जयन्ती) को।
'अष्टोत्तर शतनामावली' का क्या अर्थ है?▼
'अष्टोत्तर-शत' का अर्थ है 'एक सौ आठ' (१०८) और 'नामावली' का अर्थ है 'नामों की माला' — धन्वन्तरि के १०८ नामों की पवित्र सूची, जिनमें प्रत्येक स्तुति और ध्यान का नाम है।
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