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दृष्टिपूतं न्यसेत्पादम् — Word-by-Word Meaning

दृष्टिपूतं न्यसेत्पादम्

Every Sanskrit word explained in English

Word-by-Word Breakdown

दृष्टिपूतम्
dṛṣṭi-pūtam
दृष्टि से शुद्ध करके (ध्यान से देखकर)
न्यसेत्
nyaset
रखना चाहिए
पादम्
pādam
पैर, अपना कदम
वस्त्रपूतम्
vastra-pūtam
वस्त्र से शुद्ध (छानकर)
जलम्
jalam
जल
पिबेत्
pibet
पीना चाहिए
सत्यपूतम्
satya-pūtam
सत्य से शुद्ध, सत्यपूर्ण
वदेत्
vadet
बोलना चाहिए
वाक्यम्
vākyam
वचन, वाणी
मनःपूतम्
manaḥ-pūtam
मन से शुद्ध (विचारपूर्वक)
समाचरेत्
samācaret
आचरण करना चाहिए, व्यवहार करना चाहिए

Complete Translation

देखकर ही (भूमि को दृष्टि से शुद्ध करके) पैर रखो; वस्त्र से छानकर ही जल पिओ; सत्य से शुद्ध वचन ही बोलो; और मन से विचार कर शुद्ध आचरण ही करो। यह श्लोक सजग जीवन की चार साधनाएँ बताता है — सावधान पग, स्वच्छ जल, सत्य वाणी और विचारपूर्ण कर्म — ताकि मनुष्य किसी को हानि न पहुँचाए और पवित्रता से जिए।

Origin & History

Source: Sanskrit Subhashita (niti tradition; cited in the Manusmriti and dharma literature)

Author: Anonymous (traditional subhashita)

Period: Classical Sanskrit literature

सजग आचरण पर यह श्लोक भारत के व्यापक धर्म एवं नीति साहित्य में आता है, जहाँ सम्यक् कर्म और अहिंसा को सद्जीवन की नींव के रूप में सिखाया गया। पैर, जल, वाणी और कर्म के लिए इसके चार सुस्पष्ट निर्देशों ने इसे जीवन का एक सरल एवं प्रिय नियम बना दिया, जिसे सब प्राणियों के प्रति सतर्कता और करुणा जगाने के लिए पढ़ा जाता है।

Frequently Asked Questions

दृष्टिपूतं न्यसेत्पादम् का अर्थ क्या है?
इसका अर्थ है — 'ध्यान से देखकर ही पैर रखो, वस्त्र से छानकर जल पिओ, केवल सत्य वचन बोलो, और विचारपूर्वक ही कर्म करो।' यह सजग एवं अहिंसक जीवन की चार साधनाओं का विधान करता है।
यह श्लोक देखकर पैर रखने और जल छानने पर इतना बल क्यों देता है?
दोनों ही अहिंसा (अहानि) के रूप हैं: देखकर पैर रखने और जल छानने से मनुष्य सूक्ष्म जीवों की हानि से बचता है। यही सावधानी श्लोक वाणी और कर्म तक विस्तृत करता है।
इस श्लोक को कौन-सी परम्पराएँ विशेष रूप से मानती हैं?
यह आचरण पर एक व्यापक रूप से प्रिय सुभाषित है, जो भारत की अहिंसा-प्रधान परम्पराओं में विशेष रूप से आदरणीय है, और प्रायः नैतिक, सजग जीवन के एक संक्षिप्त नियम के रूप में उद्धृत किया जाता है।

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