दुं बीज मंत्र (ॐ दुं दुर्गायै नमः) — Word-by-Word Meaning
दुं बीज मंत्र (ॐ दुं दुर्गायै नमः)
Every Sanskrit word explained in English
Word-by-Word Breakdown
ॐ
Om
सृष्टि का आदि नाद — सार्वभौमिक स्पन्दन
दुं
Dum
दुर्गा बीज — वीर माता का बीज, रक्षा, शक्ति और अजेयता की ध्वनि
द
Da
दुर्गा और भक्त की रक्षा करने वाली दुर्ग-समान शक्ति का प्रतीक
उ
U
उपासना और धारण करने वाली शक्ति का स्वर — माता की पोषक रक्षा
ं (बिन्दु)
Anusvara (Bindu)
शक्ति का नासिक्य नाद और बिन्दु जो बीज की रक्षात्मक ऊर्जा को सील कर देता है
दुर्गायै
Durgayai
दुर्गा को — अजेय देवी, शब्दशः 'दुर्ग' या 'जिन तक बुराई न पहुँच सके'
नमः
Namah
मैं नमन करता हूँ, समर्पण करता हूँ — दिव्य माता की शरण लेते हुए
दुर्गा
Durga
देवी का उग्र, रक्षक रूप जो बुराई का नाश करता और सब कठिनाइयाँ दूर करता है (दुर्गा = दुर्गम, अजेय)
शक्ति
Shakti
दुर्गा में निहित गतिशील दिव्य शक्ति एवं स्त्री-ऊर्जा
रक्षा
Raksha
रक्षा — दुर्गा अपने भक्तों को जो सुरक्षा-कवच देती हैं
दुर्ग
Durga (fort)
दुर्ग, किला — उनके नाम का अर्थ, अभेद्य शरण का प्रतीक
अभय
Abhaya
अभय — माता द्वारा प्रदत्त निर्भयता
सिंह
Simha
सिंह — दुर्गा का वाहन, साहस और धार्मिक शक्ति का प्रतीक
बीज
Beej
बीज — एक अक्षर जिसमें देवता की सम्पूर्ण शक्ति समायी है
विघ्न-नाश
Vighna-nasha
भक्त के मार्ग से विघ्नों और संकटों का निवारण
चामुण्डायै
Chamundayai
चामुण्डा को — उग्र दुर्गा जिन्होंने चण्ड और मुण्ड दैत्यों का वध किया (नवार्ण मंत्र से)
विच्चे
Vichche
नवार्ण मंत्र का अन्तिम बीज, देवी की कृपा, ज्ञान और रक्षा का आवाहन
Complete Translation
ॐ दुं — मैं अजेय माता दुर्गा के बीज-मंत्र को प्रणाम करता हूँ, जो रक्षा एवं शक्ति की ध्वनि है। ॐ दुं, समस्त बुराई का नाश करने वाली और सब कठिनाइयों को दूर करने वाली दुर्गा को नमस्कार।
Origin & History
Source: Tantric tradition; Shakta Agamas, Devi Mahatmya tradition and bija-mantra texts
Author: Tantric and Vedic seers (traditional)
Period: Ancient
शाक्त तन्त्रों में दुं दुर्गा का बीज है — वह अजेय माता जिनके नाम का अर्थ है 'वह दुर्ग जिसे बुराई भेद नहीं सकती'। देवी महात्म्य (दुर्गा सप्तशती) उन्हें महिषासुर की संहारिणी और लोकों की रक्षिका के रूप में गौरवान्वित करता है। उनका बीज-नाद उस वीर-कृपा को एक ही अक्षर में केन्द्रित कर देता है, जिससे 'ॐ दुं दुर्गायै नमः' परम्परा के सर्वाधिक विश्वसनीय रक्षा-मंत्रों में से एक बन जाता है।
Frequently Asked Questions
ॐ दुं दुर्गायै नमः का अर्थ क्या है?▼
इसका अर्थ है 'ॐ, मैं देवी दुर्गा को नमन करता हूँ' — उनके बीज-नाद 'दुं' के माध्यम से आवाहित। 'दुं' (दुं) दुर्गा का बीज है, जो रक्षा और शक्ति की उनकी ऊर्जा धारण करता है; 'दुर्गायै' का अर्थ है 'दुर्गा को'; और 'नमः' का अर्थ है 'मैं नमन/समर्पण करता हूँ'। मिलकर यह एक प्रणाम है जो अजेय माता को रक्षा और कृपा हेतु पुकारता है।
दुं बीज किस देवता से सम्बन्धित है?▼
दुं देवी दुर्गा का प्रमुख बीज है — दिव्य माता का उग्र एवं रक्षक रूप जो बुराई का नाश करता और कठिनाइयाँ दूर करता है। यह अनेक दुर्गा-मंत्रों एवं रक्षा-प्रार्थनाओं के हृदय में स्थित बीज है।
दुं मंत्र किसके लिए प्रयोग होता है?▼
इसे सबसे अधिक रक्षा हेतु जपा जाता है — खतरे, नकारात्मकता, भय और बाधाओं से — तथा कठिन परिस्थितियों में साहस, शक्ति और विजय के आवाहन हेतु। 'दुर्गा' नाम का अर्थ ही 'कठिनाइयों को दूर करने वाली' है, अतः उनका बीज मंत्र सुरक्षा और संकट-निवारण की एक प्रसिद्ध प्रार्थना है।
दुं मंत्र जपने का सर्वोत्तम समय कब है?▼
नवरात्रि — विशेषकर अष्टमी और नवमी की रातें — सबसे शुभ काल है। शुक्रवार और प्रातःकालीन ब्रह्म मुहूर्त भी उत्तम हैं, और निरन्तर बनाए रखने पर नित्य जप सर्वाधिक प्रभावी होता है।
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