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दुर्गा अष्टोत्तर शतनामावली — Word-by-Word Meaning

दुर्गा अष्टोत्तर शतनामावली

Every Sanskrit word explained in English

Word-by-Word Breakdown

Complete Translation

देवी दुर्गा के १०८ नाम — अजेय जगन्माता, असुर-नाशिनी व भक्त-रक्षिका — प्रत्येक “ॐ” व “नमः” सहित, नवरात्रि व शुक्रवार को रक्षा, शक्ति व कृपा हेतु पठित।

Origin & History

Source: Traditional

Author: Traditional

Period: Classical

दुर्गा अष्टोत्तर शतनामावली दुर्गा के 108 नामों की एक परंपरागत माला है। ये देवी दुर्गा के 108 नाम हैं — अजेय जगन्माता, असुर-नाशिनी और भक्तों की रक्षिका। प्रत्येक नाम "ॐ" और "नमः" सहित जपा जाता है। नवरात्रि और शुक्रवार को रक्षा, शक्ति और कृपा की प्राप्ति हेतु इसका पाठ किया जाता है।

Frequently Asked Questions

दुर्गा अष्टोत्तर शतनामावली क्या है?
देवी दुर्गा के 108 नाम — अजेय जगन्माता, असुर-नाशिनी और भक्तों की रक्षिका — प्रत्येक "ॐ" और "नमः" सहित जपे जाते हैं, जो नवरात्रि और शुक्रवार को रक्षा, शक्ति और कृपा हेतु पठित किए जाते हैं।
अष्टोत्तर शतनामावली का जप कैसे किया जाता है?
इसका जप अर्चना के रूप में किया जाता है: 108 नामों में से प्रत्येक नाम के पहले "ॐ" और बाद में "नमः" लगाकर पाठ किया जाता है, और प्रत्येक नाम के साथ देवी के चरणों में एक पुष्प या चुटकी भर कुंकुम अर्पित किया जाता है। संपूर्ण माला एक ही बैठक में अर्पित की जाती है, विशेषकर शुक्रवार, मंगलवार और नवरात्रि में।
"अष्टोत्तर शतनामावली" का अर्थ क्या है?
"अष्टोत्तर-शत" का अर्थ है "एक सौ आठ" (108) और "नामावली" का अर्थ है "नामों की माला" — दुर्गा के 108 नामों की पवित्र सूची, जिनमें से प्रत्येक स्तुति और ध्यान का नाम है।

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