Mantra.Tips

गोविन्दाष्टकम् — Word-by-Word Meaning

गोविन्दाष्टकम्

Every Sanskrit word explained in English

Word-by-Word Breakdown

Complete Translation

गोविन्द (कृष्ण) की आठ श्लोकों की स्तुति, आदि शंकराचार्य रचित — जो प्रभु को सत्य, ज्ञान, अनंत व नित्य (सत्यं ज्ञानम् अनंतं नित्यम्) रूप में, इंद्रियों से परे सर्वव्यापी सत्य रूप में वंदन करती है।

Origin & History

Source: Ascribed to Adi Shankaracharya

Author: Adi Shankaracharya

Period: Classical

गोविन्दाष्टकम् परंपरागत रूप से आदि शंकराचार्य को आरोपित है। यह गोविन्द (कृष्ण) की आठ श्लोकों वाली स्तुति है, जो प्रभु को सत्य, ज्ञान, अनंत और नित्य रूप में, इंद्रियों से परे सर्वव्यापी सत्य के रूप में वंदन करती है।

Frequently Asked Questions

गोविन्दाष्टकम् क्या है?
आदि शंकराचार्य रचित गोविन्द (कृष्ण) की आठ श्लोकों वाली स्तुति — जो प्रभु को सत्य, ज्ञान, अनंत और नित्य रूप में, इंद्रियों से परे सर्वव्यापी सत्य के रूप में वंदन करती है।
गोविन्दाष्टकम् की रचना किसने की, और इसका पाठ कब किया जाता है?
यह आदि शंकराचार्य को आरोपित है। इसका पाठ प्रातः या सायं भक्ति के साथ, और विशेष रूप से बुधवार और एकादशी को तथा जन्माष्टमी व एकादशी के समय किया जाता है।

Ready to start chanting?

See Benefits & How to Chant →