हनुमान अष्टोत्तर शतनामावली — Word-by-Word Meaning
हनुमान अष्टोत्तर शतनामावली
Every Sanskrit word explained in English
Word-by-Word Breakdown
Complete Translation
भगवान हनुमान (आञ्जनेय, पवन-पुत्र) के १०८ नाम — श्रीराम के परम भक्त, भय-नाशक व बल-दाता — प्रत्येक “ॐ” व “नमः” सहित, मंगल व शनिवार को पठित।
Origin & History
Source: Traditional
Author: Traditional
Period: Classical
हनुमान अष्टोत्तर शतनामावली हनुमान के १०८ नामों की एक परम्परागत माला है। भगवान हनुमान (आँजनेय, पवनपुत्र) के १०८ नाम — श्रीराम के परम भक्त, भय-नाशक और बल-दाता — प्रत्येक 'ॐ' और 'नमः' सहित, मंगलवार और शनिवार को पठित।
Frequently Asked Questions
हनुमान अष्टोत्तर शतनामावली क्या है?▼
भगवान हनुमान (आँजनेय, पवनपुत्र) के १०८ नाम — श्रीराम के परम भक्त, भय-नाशक और बल-दाता — प्रत्येक 'ॐ' और 'नमः' सहित, मंगलवार और शनिवार को पठित।
अष्टोत्तर शतनामावली का पाठ कैसे किया जाता है?▼
इसका पाठ अर्चना रूप में किया जाता है: १०८ में से प्रत्येक नाम के पहले 'ॐ' और बाद में 'नमः' लगाकर उच्चारण किया जाता है, और प्रत्येक नाम के साथ देवता के चरणों में पुष्प या चुटकीभर कुमकुम अर्पित किया जाता है। सम्पूर्ण नाम-माला एक ही बैठक में अर्पित की जाती है, विशेषकर मंगलवार और शनिवार को तथा हनुमान जयन्ती पर।
'अष्टोत्तर शतनामावली' का अर्थ क्या है?▼
'अष्टोत्तर-शत' का अर्थ है 'एक सौ आठ' (१०८) और 'नामावली' का अर्थ है 'नामों की माला' — हनुमान के १०८ नामों की पवित्र सूची, जिनमें से प्रत्येक स्तुति और ध्यान का नाम है।
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