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लक्ष्मी मंत्र — Word-by-Word Meaning

लक्ष्मी मंत्र

Every Sanskrit word explained in English

Word-by-Word Breakdown

Om
ॐ — सार्वभौमिक ध्वनि; सृष्टि का आदि स्पंदन
श्रीं
Shreem
श्रीं — लक्ष्मी का मुख्य बीज (बीज मंत्र); प्रचुरता और कृपा का प्रतीक
ह्रीं
Hreem
ह्रीं — दिव्य ऊर्जा और प्राकट्य का बीज; सृजनशक्ति को जाग्रत करता है
कमले
Kamale
कमले — हे कमलस्वरूपा; वह जो स्वयं कमल हैं (कमल = पद्म)
कमलालये
Kamalalaye
कमलालये — जो कमल में निवास करती हैं; हृदय एवं पवित्रता का कमल
प्रसीद
Praseed
प्रसीद — प्रसन्न हों, कृपा करें — दिव्य आशीर्वाद की हार्दिक प्रार्थना
महालक्ष्म्यै
Mahalakshmyai
महालक्ष्म्यै — महान लक्ष्मी को; समस्त प्रचुरता की परम देवी
नमः
Namaha
नमः — मैं नमन करता हूँ; दिव्य माता के समक्ष अहंकार का समर्पण
लक्ष्मी
Lakshmi
लक्ष्मी — धन, सौंदर्य, कृपा, समृद्धि और सौभाग्य की देवी
श्री
Shri
श्री — वह ब्रह्मांडीय कृपा जो सब कुछ सुंदर, समृद्ध और मंगलमय बनाती है
धन
Dhana
धन — संपत्ति; भौतिक ऐश्वर्य और आर्थिक प्रचुरता
सम्पत्ति
Sampatti
सम्पत्ति — समृद्धि; सभी आयामों में धन की परिपूर्णता
ऐश्वर्य
Aishwarya
ऐश्वर्य — दिव्य प्रभुता और परम समृद्धि
विष्णुप्रिया
Vishnu-Priya
विष्णुप्रिया — विष्णु की प्रिया; लक्ष्मी उनकी दिव्य पत्नी हैं
पद्मा
Padma
पद्मा — कमल; सृष्टि के जल से उठती पवित्रता का प्रतीक
कल्याणी
Kalyani
कल्याणी — मंगलमयी; जो सबका कल्याण करती हैं
सौभाग्य
Saubhagya
सौभाग्य — सौभाग्य; वह भाग्य और कृपा जो लक्ष्मी प्रदान करती हैं
सुन्दरी
Sundari
सुन्दरी — सुंदरी; लक्ष्मी सौंदर्य की साक्षात मूर्ति हैं
अभय
Abhaya
अभय — निर्भयता; दिव्य प्रचुरता से आने वाली भय से मुक्ति
वरद
Varada
वरद — वरदायिनी; आशीर्वाद प्रदान करने की लक्ष्मी की मुद्रा
मंगल
Mangala
मंगल — मंगलमयता; जो कुछ लक्ष्मी की उपस्थिति से आता है
स्वर्ण
Swarna
स्वर्ण — स्वर्ण; लक्ष्मी से जुड़ा रंग और तत्व
गज
Gaja
गज — हाथी; जो अपने प्रतिष्ठित रूप में लक्ष्मी पर जल की वर्षा करते हैं
दीपावली
Deepavali
दीपावली — दिवाली; प्रकाश का पर्व, लक्ष्मी पूजन का सर्वोत्तम समय
अन्नपूर्णा
Annapurna
अन्नपूर्णा — जो प्रचुर अन्न प्रदान करती हैं; लक्ष्मी की कृपा का एक स्वरूप
कमल
Kamala
कमल — कमल; लक्ष्मी का आसन और सांसारिक समृद्धि के मध्य आध्यात्मिक पवित्रता का प्रतीक
बीज मंत्र
Beej Mantra
बीज मंत्र — बीज मंत्र; एक शक्तिशाली अक्षर जिसमें देवता की पूर्ण ऊर्जा समाहित है
कृपा
Kripa
कृपा — कृपा; लक्ष्मी से प्रवाहित होने वाला अनर्जित दिव्य आशीर्वाद
समृद्धि
Samriddhi
समृद्धि — समृद्धि की परिपूर्णता; जीवन के सभी क्षेत्रों में प्रचुरता
शुक्र
Shukra
शुक्र — शुक्र ग्रह; लक्ष्मी से संबद्ध ग्रह, जो शुक्रवार का स्वामी है

Complete Translation

ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं — हे कमल में विराजमान देवी लक्ष्मी! प्रसन्न हों और मुझे समृद्धि एवं ऐश्वर्य प्रदान करें।

Origin & History

Source: Lakshmi Tantra and various Puranas

Author: Vedic and Tantric tradition

Period: Ancient

लक्ष्मी मंत्रों में श्रीं बीज का प्रयोग होता है, जो समृद्धि का ध्वनि-सार है। समुद्र मंथन के समय लक्ष्मी कमल पर खड़ी प्रकट हुईं और विष्णु को अपना शाश्वत पति चुना। उनके मंत्र समृद्धि की इसी आदि ऊर्जा का आह्वान करते हैं।

Frequently Asked Questions

ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद का अर्थ क्या है?
ॐ आदि ध्वनि है; श्रीं लक्ष्मी का बीज मंत्र है, जो धन और समृद्धि की तरंग है; ह्रीं दिव्य ऊर्जा और हृदय का बीज है; 'कमले कमलालये' का अर्थ है 'हे कमल से उत्पन्न, हे कमल में निवास करने वाली'; 'प्रसीद प्रसीद' का अर्थ है 'प्रसन्न हों, कृपा करें'। पूरा मंत्र एक प्रार्थना है — 'हे देवी लक्ष्मी, कमल में जन्मी और कमल पर विराजमान, मुझ पर कृपा करें और मेरे जीवन में समृद्धि के साथ निवास करें।'
लक्ष्मी मंत्र का अर्थ क्या है?
यह मंत्र देवी लक्ष्मी को उनके बीज स्वरों (श्रीं और ह्रीं) के द्वारा पुकारता है और उनसे प्रसन्न होकर समृद्धि प्रदान करने की प्रार्थना करता है। 'कमले कमलालये' उन्हें 'कमल में निवास करने वाली' कहकर संबोधित करता है — जो सृष्टि के जल से उठती पवित्रता और समृद्धि का प्रतीक है। पूरा मंत्र जीवन के हर क्षेत्र में समृद्धि की दिव्य कृपा के प्रवाह की हार्दिक प्रार्थना है।
लक्ष्मी मंत्र जप का सर्वोत्तम समय कौन-सा है?
शुक्रवार की संध्या लक्ष्मी पूजन का सबसे शुभ समय है। किसी भी दिन सूर्योदय का समय भी अत्यंत लाभकारी है। दीपावली के समय, विशेषकर लक्ष्मी पूजन की रात (कार्तिक अमावस्या) को, माना जाता है कि लक्ष्मी घरों में पधारकर अपना आशीर्वाद देती हैं। फिर भी, कभी-कभार की तीव्र साधना की अपेक्षा नियमित दैनिक जप अधिक प्रभावी होता है।
क्या पुरुष लक्ष्मी मंत्र का जप कर सकते हैं?
हाँ, अवश्य। लक्ष्मी लिंग का भेद किए बिना हर उस प्राणी को आशीर्वाद देती हैं जो सच्ची भक्ति से उनकी शरण आता है। अनेक घरों में परिवार का मुखिया — प्रायः गृहस्वामी — ही लक्ष्मी पूजन करता है।

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