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ललिता अष्टोत्तर शतनामावली — Word-by-Word Meaning

ललिता अष्टोत्तर शतनामावली

Every Sanskrit word explained in English

Word-by-Word Breakdown

Complete Translation

देवी ललिता त्रिपुरसुंदरी के १०८ नाम — श्रीविद्या परम्परा की परम जगन्माता, तीनों लोकों की सुन्दरी — प्रत्येक “ॐ” व “नमः” सहित, कृपा, समृद्धि व आध्यात्मिक जागरण हेतु।

Origin & History

Source: Traditional

Author: Traditional

Period: Classical

ललिता अष्टोत्तर शतनामावली ललिता के १०८ नामों की एक पारंपरिक माला है। देवी ललिता त्रिपुरसुंदरी के १०८ नाम — श्रीविद्या परम्परा की परम जगन्माता, तीनों लोकों की सुन्दरी — प्रत्येक 'ॐ' और 'नमः' सहित, कृपा, समृद्धि और आध्यात्मिक जागरण हेतु।

Frequently Asked Questions

ललिता अष्टोत्तर शतनामावली क्या है?
देवी ललिता त्रिपुरसुंदरी के १०८ नाम — श्रीविद्या परम्परा की परम जगन्माता, तीनों लोकों की सुन्दरी — प्रत्येक 'ॐ' और 'नमः' सहित, कृपा, समृद्धि और आध्यात्मिक जागरण हेतु।
अष्टोत्तर शतनामावली का जप कैसे किया जाता है?
इसे अर्चना के रूप में जपा जाता है: १०८ में से प्रत्येक नाम के पूर्व 'ॐ' और पश्चात 'नमः' लगाकर पाठ किया जाता है, और प्रत्येक नाम के लिए पुष्प या एक चुटकी कुमकुम अर्पित किया जाता है। पूरी नामावली एक ही बैठक में अर्पित की जाती है, विशेषकर शुक्रवार को और नवरात्रि में।
'अष्टोत्तर शतनामावली' का क्या अर्थ है?
'अष्टोत्तर-शत' का अर्थ है 'एक सौ आठ' (१०८) और 'नामावली' का अर्थ है 'नामों की माला' — ललिता के १०८ नामों की पवित्र सूची, जिनमें से प्रत्येक स्तुति और ध्यान का नाम है।

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