महालक्ष्मी अष्टोत्तर शतनामावली — Word-by-Word Meaning
महालक्ष्मी अष्टोत्तर शतनामावली
Every Sanskrit word explained in English
Word-by-Word Breakdown
Complete Translation
धन, सौभाग्य व मंगल की दात्री देवी महालक्ष्मी के १०८ नाम, प्रत्येक “ॐ” व “नमः” सहित — समृद्धि व कृपा के प्रत्येक रूप में विराजमान दिव्य माता।
Origin & History
Source: Traditional
Author: Traditional
Period: Classical
महालक्ष्मी अष्टोत्तर शतनामावली महालक्ष्मी के १०८ नामों की एक पारंपरिक माला है। धन, सौभाग्य और मंगल की दात्री देवी महालक्ष्मी के १०८ नाम, प्रत्येक 'ॐ' और 'नमः' सहित — समृद्धि और कृपा के प्रत्येक रूप में विराजमान दिव्य माता।
Frequently Asked Questions
महालक्ष्मी अष्टोत्तर शतनामावली क्या है?▼
धन, सौभाग्य और मंगल की दात्री देवी महालक्ष्मी के १०८ नाम, प्रत्येक 'ॐ' और 'नमः' सहित — समृद्धि और कृपा के प्रत्येक रूप में विराजमान दिव्य माता।
अष्टोत्तर शतनामावली का जप कैसे किया जाता है?▼
इसे अर्चना के रूप में जपा जाता है: १०८ में से प्रत्येक नाम के पूर्व 'ॐ' और पश्चात 'नमः' लगाकर पाठ किया जाता है, और प्रत्येक नाम के लिए देवी के चरणों में पुष्प या एक चुटकी कुमकुम अर्पित किया जाता है। १०८ नामों की पूरी माला एक ही बैठक में अर्पित की जाती है, विशेषकर शुक्रवार को और दीवाली व वरलक्ष्मी व्रत में।
'अष्टोत्तर शतनामावली' का क्या अर्थ है?▼
'अष्टोत्तर-शत' का अर्थ है 'एक सौ आठ' (१०८) और 'नामावली' का अर्थ है 'नामों की माला'। अतः यह महालक्ष्मी के १०८ नामों की पवित्र सूची है, जिनमें से प्रत्येक स्तुति और ध्यान का नाम है।
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