नवग्रह अष्टोत्तर शतनामावली — Word-by-Word Meaning
नवग्रह अष्टोत्तर शतनामावली
Every Sanskrit word explained in English
Word-by-Word Breakdown
Complete Translation
नवग्रह — नौ ग्रह-देवता (सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु व केतु) — के १०८ नाम, प्रत्येक “ॐ” व “नमः” सहित, ग्रह-दोष शान्ति व ग्रहों की कृपा हेतु पठित।
Origin & History
Source: Traditional
Author: Traditional
Period: Classical
नवग्रह अष्टोत्तर शतनामावली नवग्रह के 108 नामों की एक पारंपरिक माला है। यह नवग्रह — नौ ग्रह-देवताओं (सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु) — के 108 नाम हैं, प्रत्येक 'ॐ' और 'नमः' सहित, ग्रह-दोष की शान्ति और उनकी कृपा प्राप्त करने हेतु पठित।
Frequently Asked Questions
नवग्रह अष्टोत्तर शतनामावली क्या है?▼
नवग्रह — नौ ग्रह-देवताओं (सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु) — के 108 नाम, प्रत्येक 'ॐ' और 'नमः' सहित बोले जाते हैं, ग्रह-दोष की शान्ति और उनकी कृपा प्राप्त करने हेतु पठित।
अष्टोत्तर शतनामावली का पाठ कैसे किया जाता है?▼
इसका पाठ अर्चना के रूप में किया जाता है: प्रत्येक 108 नामों में से प्रत्येक नाम के पहले 'ॐ' और अंत में 'नमः' लगाकर पढ़ा जाता है, साथ ही प्रत्येक नाम पर देवता के चरणों में पुष्प या एक चुटकी कुंकुम अर्पित किया जाता है। 108 नामों की पूर्ण माला एक बैठक में अर्पित की जाती है, विशेषकर उनके संबंधित वारों में और ग्रहण, अमावस्या व शनिवार को।
'अष्टोत्तर शतनामावली' का अर्थ क्या है?▼
'अष्टोत्तर-शत' का अर्थ है 'एक सौ आठ' (108) और 'नामावली' का अर्थ है 'नामों की माला'। अतः यह नवग्रह के 108 नामों की पवित्र सूची है, जिनमें से प्रत्येक स्तुति और ध्यान का नाम है।
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