रघुपति राघव राजाराम — Word-by-Word Meaning
रघुपति राघव राजाराम
Every Sanskrit word explained in English
Word-by-Word Breakdown
रघुपति
Raghupati
रघुकुल के स्वामी — राम
राघव
Raghava
राजा रघु के वंशज — राम
राजाराम
Raja Ram
राजा राम
पतित पावन
Patita Pavana
पतितों और दीन-हीनों को पावन करने वाले
सीताराम
Sita Ram
सीता और राम एक साथ — दिव्य युगल
भज प्यारे
Bhaja Pyare
(उनका नाम) गाओ, हे प्यारे
ईश्वर अल्लाह तेरो नाम
Ishwar Allah Tero Naam
ईश्वर और अल्लाह दोनों तेरे ही नाम हैं
सब को सन्मति दे भगवान
Sab Ko Sanmati De Bhagavan
हे भगवान, सबको सद्बुद्धि और सद्भावना दे
Complete Translation
रघुकुल के स्वामी, राजा राम, पतितों को पावन करने वाले सीताराम। हे प्यारे, तू सीताराम का भजन कर। ईश्वर और अल्लाह — दोनों तेरे ही नाम हैं; हे भगवान, सबको सद्बुद्धि दे।
Origin & History
Source: Traditional Ram Dhun; inclusive lines popularised by Mahatma Gandhi
Author: Traditional (verse); lines adapted by Mahatma Gandhi
Period: Traditional; the popular form from the early 20th century
राम को 'रघुपति' और 'पतित पावन' के रूप में प्रशंसित करने वाले एक प्राचीन छन्द पर आधारित यह धुन महात्मा गांधी द्वारा अपनाई गई, जिन्होंने ईश्वर और अल्लाह को एक मानने वाली तथा भगवान से सबके लिए सद्भावना माँगने वाली पंक्तियाँ जोड़ीं। उनकी प्रार्थना सभाओं में और नमक यात्रा में गाई गई, यह एकता का गीत बन गई — एक राम भजन जिसने हर मत के लिए अपनी बाँहें खोल दीं।
Frequently Asked Questions
रघुपति राघव राजाराम किसने लिखी?▼
मूल छन्द परम्परागत 'श्री राम' भक्ति भण्डार से सम्बन्धित है (लक्ष्मणाचार्य को आरोपित)। प्रसिद्ध समावेशी पंक्तियाँ 'ईश्वर अल्लाह तेरो नाम, सब को सन्मति दे भगवान' महात्मा गांधी द्वारा लोकप्रिय की गईं, जिन्होंने भारत के स्वतन्त्रता आन्दोलन के दौरान इस धुन को साम्प्रदायिक सद्भाव का गीत बना दिया।
'ईश्वर अल्लाह तेरो नाम' का क्या अर्थ है?▼
'ईश्वर और अल्लाह दोनों तेरे ही नाम हैं।' यह व्यक्त करता है कि एक ही परमात्मा अनेक नामों से पूजा जाता है, और प्रार्थना करता है कि सभी लोगों को सद्बुद्धि और परस्पर सद्भावना प्राप्त हो।
राम धुन सामान्यतः कैसे गाई जाती है?▼
ताली के साथ एक प्रश्न-उत्तर या सामूहिक भजन के रूप में, धीरे शुरू करके धीरे-धीरे गति बढ़ाते हुए। यह सान्ध्य सत्संग का अभिन्न अंग है और गांधी की प्रार्थना यात्राओं में प्रसिद्ध रूप से गाई जाती थी, जिसमें दांडी नमक यात्रा भी शामिल है।
Ready to start chanting?
See Benefits & How to Chant →