राम अष्टोत्तर शतनामावली — Word-by-Word Meaning
राम अष्टोत्तर शतनामावली
Every Sanskrit word explained in English
Word-by-Word Breakdown
Complete Translation
भगवान राम के १०८ नाम — विष्णु के सप्तम अवतार, मर्यादा पुरुषोत्तम व रामायण के नायक — प्रत्येक “ॐ” व “नमः” सहित, धर्म, रक्षा व भक्ति हेतु, विशेषतः राम नवमी को।
Origin & History
Source: Traditional
Author: Traditional
Period: Classical
राम अष्टोत्तर शतनामावली राम के 108 नामों की पारंपरिक माला है। भगवान राम के 108 नाम — विष्णु के सप्तम अवतार, मर्यादा पुरुषोत्तम और रामायण के नायक — प्रत्येक 'ॐ' और 'नमः' सहित जपा जाता है, जो धर्म, रक्षा और भक्ति प्रदान करता है, विशेषकर राम नवमी पर।
Frequently Asked Questions
राम अष्टोत्तर शतनामावली क्या है?▼
भगवान राम के 108 नाम — विष्णु के सप्तम अवतार, मर्यादा पुरुषोत्तम और रामायण के नायक — प्रत्येक 'ॐ' और 'नमः' सहित, धर्म, रक्षा और भक्ति हेतु, विशेषकर राम नवमी पर।
अष्टोत्तर शतनामावली का जप कैसे किया जाता है?▼
इसे अर्चना के रूप में जपा जाता है: 108 नामों में से प्रत्येक के पूर्व 'ॐ' और पश्चात 'नमः' लगाकर पाठ किया जाता है, और प्रत्येक नाम के लिए पुष्प या कुमकुम की चुटकी अर्पित की जाती है। संपूर्ण माला एक ही बैठक में अर्पित की जाती है, विशेषकर गुरुवार और राम नवमी पर।
'अष्टोत्तर शतनामावली' का क्या अर्थ है?▼
'अष्टोत्तर-शत' का अर्थ है 'एक सौ आठ' (108) और 'नामावली' का अर्थ है 'नामों की माला' — राम के 108 नामों की पवित्र सूची, प्रत्येक स्तुति और ध्यान का नाम।
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