अदिगो भद्राद्रि PDF
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अदिगो भद्राद्रि गौतमि इदिगो चूडण्डि ॥ अदिगो ॥
adigō bhadrādri gautami idigō cūḍaṇḍi ॥ adigō ॥
वह देखो — भद्राद्रि, मंगलमय पर्वत! और यह रही गौतमी — गोदावरी — सब लोग देखो!
मुदमुतो सीत मुदित लक्ष्मणुडु कदसि कॊलुवगा कलडदॆ रघुपति ॥ 1 ॥ अदिगो ॥
mudamutō sīta mudita lakṣmaṇuḍu kadasi koluvagā kalaḍade raghupati ॥ 1 ॥ adigō ॥
आनंदमग्न सीता और प्रसन्न लक्ष्मण जिनकी सेवा में संग हैं — वहीं तो विराजमान हैं स्वयं रघुपति! वह देखो — भद्राद्रि!
चारु स्वर्ण प्राकार गोपुर द्वारमुलतो सुन्दरमै युण्डॆडि ॥ 2 ॥ अदिगो ॥
cāru svarṇa prākāra gōpura dvāramulatō sundaramai yuṇḍeḍi ॥ 2 ॥ adigō ॥
सुंदर स्वर्ण-प्राकारों, गोपुरों और द्वारों से सुशोभित वह खड़ा है — वह देखो, भद्राद्रि!
अनुपमानमै अतिसुन्दरमै तनरु चक्रमदि धग धग मॆरिसॆडि ॥ 3 ॥ अदिगो ॥
anupamānamai atisundaramai tanaru cakramadi dhaga dhaga meriseḍi ॥ 3 ॥ adigō ॥
अनुपम, अति सुंदर — वहाँ प्रभु का चक्र धगधग दमकता चमक रहा है — वह देखो, भद्राद्रि!
कलियुगमन्दुन निल वैकुण्ठमु नलरुचुनुन्नदि नयमुग म्रॊक्कुडि ॥ 4 ॥ अदिगो ॥
kaliyugamanduna nila vaikuṇṭhamu nalarucununnadi nayamuga mrokkuḍi ॥ 4 ॥ adigō ॥
कलियुग में यह धरती पर उतरा साक्षात् वैकुंठ है, शोभा से जगमगाता — श्रद्धा से प्रणाम करो। वह देखो, भद्राद्रि!
पॊन्नल पॊगडल पूपॊद रिण्ड्लतॊ चॆन्नु मीरगनु चॆलगुचुनुन्नदि ॥ 5 ॥ अदिगो ॥
ponnala pogaḍala pūpoda riṇḍlato cennu mīraganu celagucununnadi ॥ 5 ॥ adigō ॥
पुन्नाग और मौलसिरी के वृक्षों तथा फूलों से लदी कुंजों के साथ वह अपार शोभा से लहलहाता है — वह देखो, भद्राद्रि!
श्रीकरमुग श्रीरामदासुनि प्राकटमुग ब्रोचे प्रभुवासमु ॥ 6 ॥ अदिगो ॥
śrīkaramuga śrīrāmadāsuni prākaṭamuga brōcē prabhuvāsamu ॥ 6 ॥ adigō ॥
यह उन प्रभु का कल्याणकारी निवास है जिन्होंने श्री रामदास की प्रकट रूप से रक्षा की — वह देखो, भद्राद्रि!